हैदराबाद। तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सड़क एवं भवन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ मोहन नाइक जरूपला को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

एसीबी ने एक साथ बड़ी छापेमारी अभियान चलाते हुए आरोपी अधिकारी के कार्यालय, आवास और उनके करीबियों से जुड़े कुल 15 ठिकानों की जांच की।

छापों में सामने आई करोड़ों की संपत्तियां

तलाशी के दौरान जांच एजेंसियों को भारी मात्रा में संपत्ति और निवेश के दस्तावेज मिले। शुरुआती जांच में निजामाबाद जिले के डिचपल्ली मंडल स्थित मुल्लांगी गांव में लगभग 19.38 एकड़ कृषि भूमि का पता चला, जिसकी अनुमानित सरकारी कीमत करीब 82.9 लाख रुपये बताई गई है।

इसके अलावा हैदराबाद के विभिन्न इलाकों में सात फ्लैट मिलने की जानकारी सामने आई है। इनमें तीन फ्लैट कोमपल्ली और चार गाचीबावली में स्थित हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 7.35 करोड़ रुपये आंकी गई है।

जांच में मियापुर में लगभग 2.5 करोड़ रुपये का ट्रिपलेक्स विला, कुकटपल्ली में 62 लाख रुपये से अधिक का एक मकान और निजामपेट में एक अन्य विला के लिए करीब 1 करोड़ रुपये की एडवांस पेमेंट भी सामने आई है।

नकदी, सोना और लग्जरी सामान भी बरामद

एसीबी के अनुसार, छापेमारी के दौरान 55 लाख रुपये नकद और करीब 1.44 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि को फ्रीज किया गया है।

साथ ही लगभग 2.5 किलोग्राम सोने के गहने (करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य) और 6 किलोग्राम चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 1.26 करोड़ रुपये का घरेलू सामान, 11 लाख रुपये से अधिक के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, 9 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप और दो लग्जरी वाहन भी जब्त किए गए हैं।

कुल संपत्ति 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान

एसीबी ने अब तक की जांच में कुल ज्ञात संपत्ति का मूल्य लगभग 17.95 करोड़ रुपये बताया है। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि रियल एस्टेट के मौजूदा बाजार मूल्य को देखते हुए वास्तविक संपत्ति का मूल्य 100 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकता है।

आरोपी न्यायिक हिरासत में

एसीबी ने मोहन नाइक जरूपला को गिरफ्तार कर विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच अभी जारी है और अन्य संपत्तियों की भी पड़ताल की जा रही है।