पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के कथित सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट घोटाले की जांच के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आरामबाग नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता स्वपन नंदी को केरल से गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे और पहचान छिपाने के लिए अपना हुलिया तक बदल लिया था। इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी इनपुट और लगातार निगरानी के आधार पर उन्हें करीब 2300 किलोमीटर दूर केरल से ढूंढ निकाला।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, स्वपन नंदी ‘ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट’ से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में जांच तेज होने के बाद से ही फरार चल रहे थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपनी पहचान बदलने की कोशिश की और मूंछ तक साफ कर ली थी। अब उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जांच एजेंसियों का मानना है कि उनसे पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
यह मामला ‘ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट’ से जुड़ा है, जिसके तहत आरामबाग नगर पालिका ने स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए ई-टेंडर जारी किया था। योजना के तहत कई प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया था, जिससे करीब 764.46 किलोवाट बिजली उत्पादन की क्षमता विकसित की जानी थी। इस बिजली का उपयोग स्कूलों और सड़क प्रकाश व्यवस्था के लिए किया जाना था। बाद में इसी परियोजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और गड़बड़ियों के आरोप सामने आए।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में स्वपन नंदी से पहले तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक अस्थायी नगर अभियंता, एक विद्युत पर्यवेक्षक और एक ठेकेदार शामिल हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि टेंडर प्रक्रिया से लेकर फंड के उपयोग तक किन स्तरों पर गड़बड़ी हुई। पहले गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर ही स्वपन नंदी की तलाश तेज की गई थी।
इस कथित घोटाले की शिकायत टीएमसी नेता समीर भंडारी ने की थी, जिसके बाद मामले की जांच आगे बढ़ी। पुलिस अब सभी आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।