बांगरमऊ। घूरे टोला मोहल्ले में साधु की चाकू से हत्या के मामले में वांछित चल रहा एक लाख रुपये का इनामी मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। मुठभेड़ के दौरान हुई गोलीबारी में एसओजी का एक सिपाही घायल हो गया, जबकि एक उपनिरीक्षक की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी। घायल सिपाही का इलाज जारी है।
घटना 9 जून की है, जब कोतवाली क्षेत्र के घूरे टोला निवासी साधु मिलनदास (35) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के भाई वीरेंद्र ने पांच नामजद और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी, जबकि मुख्य आरोपी इजराइल उर्फ इसराइल (पूर्वियाटोला निवासी) और शानू (दरगाह शरीफ मोहल्ला निवासी) फरार चल रहे थे। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
कैसे हुआ एनकाउंटर
पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह के अनुसार, रविवार देर रात करीब 3:40 बजे बांगरमऊ पुलिस और एसओजी टीम आगरा एक्सप्रेसवे के हवाई पट्टी सर्विस रोड पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मुख्य आरोपी इसराइल ताजपुर अंडरपास के पास किसी साथी का इंतजार कर रहा है।
सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की और आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग में पुलिसकर्मी घायल
हत्यारोपी की गोली उपनिरीक्षक न्यूटन कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे वह सुरक्षित रहे। वहीं एसओजी के आरक्षी विकास भदोरिया के बाएं हाथ में गोली लगने से वह घायल हो गए।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली लगने से आरोपी इसराइल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मौके से हथियार बरामद
घटनास्थल से पुलिस ने एक चाकू, एक तमंचा और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मौके पर एएसपी अखिलेश सिंह, सीओ संतोष सिंह, एसओजी प्रभारी जयप्रकाश यादव और कोतवाल अखिलेश पांडेय सहित पुलिस बल मौजूद रहा।