केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत में डाटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेज़ विकास के लिए अमेरिका से सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) से जुड़े उत्पादों की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसे देश की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप एक आवश्यक कदम बताया।

गोयल ने जानकारी दी कि भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते के तहत कई अहम फैसले लिए गए हैं। इसके अंतर्गत भारत ने अमेरिकी मेडिकल उपकरणों के आयात में लंबे समय से चली आ रही अड़चनों को दूर करने पर सहमति जताई है। साथ ही आईसीटी उत्पादों पर लागू जटिल आयात लाइसेंस व्यवस्था को भी खत्म किया जाएगा।

समझौते के लागू होने के छह महीने के भीतर यह भी तय किया जाएगा कि भारतीय बाजार में अमेरिकी या अंतरराष्ट्रीय मानकों और परीक्षण प्रणालियों को किस हद तक मान्यता दी जाएगी। इससे तकनीकी उत्पादों के आयात की प्रक्रिया और सरल होने की उम्मीद है।

मंत्री ने कहा कि एनविडिया जैसे उच्च क्षमता वाले चिप्स, एआई आधारित उपकरण और डाटा सेंटर से जुड़ी आधुनिक तकनीकें राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिहाज से बेहद अहम हैं। अमेरिका द्वारा इन महत्वपूर्ण उत्पादों की आपूर्ति पर सहमति देना भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने बताया कि इन आयातों से देश में डाटा सेंटर, एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में घरेलू उद्योगों को नई गति मिलेगी। साथ ही भारतीय कंपनियों को उन्नत चिप्स, अत्याधुनिक उपकरण और उच्च गुणवत्ता वाली मशीनरी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी, जिससे तकनीकी विकास को मजबूती मिलेगी।