पटना। नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन की खबर सामने आने के बाद जनता दल (यूनाइटेड) के भीतर हलचल तेज हो गई है। पार्टी कार्यालय में पिछले दो दिनों से कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी और विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर पार्टी के विधायकों और मंत्रियों की बैठक बुलाई।

बैठक के दौरान माहौल काफी भावुक हो गया। सूत्रों के मुताबिक, चर्चा के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उन्हें जाने दिया जाए। उनके इस कथन से वहां मौजूद कई नेता भावुक हो गए।

बैठक खत्म होने के बाद बाहर आए नेताओं ने मीडिया को बताया कि कई विधायकों ने मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने के फैसले पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति में नीतीश कुमार की मौजूदगी बेहद अहम है, इसलिए उन्हें यह फैसला नहीं लेना चाहिए।

इस पर मुख्यमंत्री ने विधायकों को समझाते हुए कहा कि भले ही वह राज्यसभा के सदस्य के रूप में दिल्ली में रहेंगे, लेकिन उनकी नजर बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियों पर बनी रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य के विकास और पार्टी के कामकाज पर उनका ध्यान पहले की तरह ही रहेगा।

हालांकि, जब उन्होंने अपने निर्णय पर कायम रहने की बात कही तो बैठक का माहौल और भी भावुक हो गया। कई विधायक भी भावुक होकर उनसे अपना फैसला बदलने का अनुरोध करने लगे, लेकिन मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे अपना निर्णय ले चुके हैं और अब उन्हें जाने दिया जाए।