नई दिल्ली: भारत ने पाकिस्तान की उस टिप्पणी को सख्ती से खारिज कर दिया है जिसमें उसने एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन के पक्ष में बयान जारी किया था। भारत सरकार ने स्पष्ट कहा है कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों या न्यायिक प्रक्रिया पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बुधवार को कहा कि भारत पाकिस्तान के उस बयान को पूरी तरह अस्वीकार करता है, जिसमें एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन और उससे जुड़े लोगों का समर्थन किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को भारत की न्यायिक व्यवस्था या आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।
जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान का ऐसा रुख कोई नई बात नहीं है, क्योंकि उसका इतिहास लंबे समय से आतंकवाद को समर्थन देने से जुड़ा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अक्सर ऐसे संगठनों का बचाव करता रहा है जो निर्दोष लोगों के खिलाफ हिंसा और हमलों में शामिल रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा कि झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय उसे अपने यहां हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों पर ध्यान देना चाहिए।
दरअसल, पाकिस्तान ने हाल ही में भारत में एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन से जुड़े मामले में चल रही न्यायिक प्रक्रिया पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद भारत की ओर से यह कड़ा जवाब दिया गया है।
भारत ने पहले भी कई बार पाकिस्तान से आतंकवाद को समर्थन देना बंद करने और सीमा पार से होने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।