भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। इस वीडियो में सैन्य वर्दी पहने कुछ लोग एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नजर आ रहे हैं। सेना ने स्पष्ट किया है कि इनमें दिखाई देने वाले तीन व्यक्तियों को अनुशासनहीनता और गैर-सैनिक आचरण के चलते पहले ही सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।

सेना ने क्या कहा
भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी बयान में कहा कि इस वीडियो को गलत तरीके से पेश कर सेना की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। सेना के अनुसार, वीडियो में जो लोग दिखाई दे रहे हैं, उनमें से कुछ पूर्व सैनिक हैं जिनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पहले ही पूरी की जा चुकी है।

सेना ने यह भी बताया कि एक व्यक्ति, जिसे वीडियो में दिखाया जा रहा है, वर्तमान में भगोड़ा घोषित है और उसके खिलाफ सैन्य अदालतों के साथ-साथ दीवानी अदालतों में भी कार्रवाई जारी है।

प्रेस क्लब में हुई थी बैठक
यह मामला गुरुवार को नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ा है, जहां विपक्ष के दो राज्यसभा सांसद मनोज झा और संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत की थी। इसी कार्यक्रम से जुड़ी कुछ तस्वीरें और वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।

भ्रामक जानकारी से सावधान रहने की अपील
वीडियो और तस्वीरें वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया, जिस पर सेना ने प्रतिक्रिया देते हुए लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी सामग्री को साझा न करें। सेना ने अपने पोस्ट में #FakeAlert और #Beware जैसे हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए कहा कि भ्रामक और झूठी जानकारी फैलाने वालों से सतर्क रहने की जरूरत है।

सेना ने आगे कहा कि कुछ लोग अपने पूर्व आचरण और सेवा से बर्खास्तगी को छिपाने के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर रहे हैं और गलत जानकारी फैला रहे हैं। ऐसे मामलों में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए।