आईआरसीटीसी ने शुक्रवार को प्रमुख डेयरी ब्रांड अमूल को तलब किया है और उससे जवाब मांगा है। यह कार्रवाई उस समय की गई, जब पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों को परोसे गए अमूल के पैकेटबंद दही में कथित तौर पर जीवित कीड़े पाए गए

रेल मंत्रालय की फटकार के बाद आईआरसीटीसी ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की। मंत्रालय ने न केवल आईआरसीटीसी और सेवा प्रदाता कृष्णा एंटरप्राइजेज पर भारी जुर्माना लगाया, बल्कि अनुबंध समाप्त करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।

आईआरसीटीसी का बयान

आईआरसीटीसी ने बयान में कहा कि पटना-टाटानगर वंदे भारत ट्रेन में परोसे गए अमूल दही की गुणवत्ता को लेकर शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। इसके तहत लाइसेंसधारी और अमूल दोनों पर भारी जुर्माना लगाया गया है। साथ ही, अनुबंध समाप्त करने और ट्रेन के लाइसेंसधारी को काली सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

आईआरसीटीसी ने अमूल को 27 मार्च को दही की गुणवत्ता से जुड़ी चिंताओं पर स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया है। हालांकि, अमूल की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली और आईआरसीटीसी ने भी उनके स्पष्टीकरण का खुलासा नहीं किया।

मामले का पूरा घटनाक्रम

15 मार्च को वंदे भारत ट्रेन से यात्रा कर रहे यात्रियों को रात के खाने के साथ परोसे गए अमूल दही के पैकेट में कथित तौर पर जीवित कीड़े पाए गए। यात्री रितेश सिंह ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए आईआरसीटीसी, रेल मंत्री और अन्य संबंधित अधिकारियों को टैग किया।

इस पर अमूल ने अपने आधिकारिक ग्राहक सेवा खाते से कहा कि उन्हें आपके अनुभव की जानकारी होने पर चिंता है और आगे जांच के लिए आवश्यक विवरण जैसे संपर्क नंबर, पता और बैच नंबर साझा करने को कहा।

जांच के बाद आईआरसीटीसी ने खाद्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन न करने के लिए विक्रेता कृष्णा एंटरप्राइजेज पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और कंपनी को उचित कोल्ड चेन बनाए रखने तथा सतर्क रहने के निर्देश दिए।

इसके बावजूद रेल मंत्रालय ने 25 मार्च 2026 को आदेश दिया कि कृष्णा एंटरप्राइजेज का अनुबंध समाप्त किया जाए और जुर्माना बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया जाए। साथ ही आईआरसीटीसी पर भी 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।