पलियाकलां (लखीमपुर): इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव रेहान खान के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। रेहान खान के खिलाफ पुलिस ने बीएनएस की धारा 316, 318, 351 और 131 के तहत मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें उन पर जातीय विद्वेष फैलाने का आरोप था।
जनसभा में दिए गए भाषण के बाद मामला दर्ज
मुकदमा मैलानी क्षेत्र में आयोजित जनसभा में जातीय भाषण देने के बाद दर्ज कराया गया था। इसके बाद रेहान खान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर को रद्द करने की मांग की।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को भेजा मेडिएशन सेंटर
सुनवाई के दौरान अदालत ने संवेदनशीलता दिखाते हुए दोनों पक्षों को मेडिएशन सेंटर (मध्यस्थता केंद्र) भेजने का निर्देश दिया। मेडिएशन सेंटर में दोनों पक्षों के बीच आपसी बातचीत हुई और विवाद पूरी तरह सुलझ गया।
अदालत ने रद्द किया FIR
कोर्ट ने मेडिएशन सेंटर की सकारात्मक रिपोर्ट और दोनों पक्षों की सहमति को देखते हुए FIR को रद्द करने का आदेश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति अब्दुल मोइन और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समझौते के आधार पर ही एफआईआर समाप्त की जा रही है।
इस फैसले के बाद रेहान खान और उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। कोर्ट के इस निर्णय से उन पर चल रहे कानूनी विवाद का अंत हो गया है।