कोलकाता। विधानसभा चुनावों की बढ़ती रौनक के बीच, बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार को रामनवमी शोभायात्रा पर पथराव की घटना के बाद हिंसा फैल गई। यह घटना जंगीपुर अनुमंडल के रघुनाथगंज थाना क्षेत्र के फूलतला इलाके में हुई।
शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव के बाद दोनों समुदायों के बीच झड़प शुरू हो गई। इस दौरान कई लोग घायल हुए और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) को मौके पर तैनात करना पड़ा। पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया।
लाठी-डंडों और पत्थरों से हुई झड़प
भाजपा का आरोप है कि शोभायात्रा फूलतला मोड़ से गुजर रही थी तभी कुछ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उस पर ईंट-पत्थर बरसाए। वहीं मुस्लिम समुदाय का कहना है कि पहले हमला शोभायात्रा में शामिल लोगों ने किया। झड़प के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडे और पत्थरों से हमला किया।
भाजपा के अनुसार इस हमले में 10-12 कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं, मुस्लिम युवकों पर कुछ दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी का भी आरोप लगाया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही मुर्शिदाबाद रेंज के डीआईजी अजय सिंह यादव भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कहा कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
तनाव और गिरफ्तारी
डीआईजी ने बताया कि घटना में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन संख्या की जानकारी अभी साझा नहीं की गई। इलाके में तनाव के चलते पुलिस ने बड़ी संख्या में बल तैनात किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि उपद्रवियों को पकड़ने के लिए इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
बंगाल में रामनवमी पर हिंसा की पुरानी घटनाएं
रामनवमी शोभायात्राओं को लेकर बंगाल में पहले भी कई हिंसक घटनाएं हुई हैं। 2024 में हावड़ा के शिवपुर इलाके में शोभायात्रा पर पथराव के बाद बड़ी हिंसा हुई थी, जिसकी जांच एनआईए कर रही है। हुगली जिले में भी इसी तरह की झड़पें दर्ज की गई थीं।
मुर्शिदाबाद में पिछले साल मार्च में नए वक्फ बिल के विरोध में हुए आंदोलन के दौरान भी हिंसा भड़की थी, जिसमें शमशेरगंज इलाके में दो लोगों की हत्या हो गई थी। इसके अलावा, कुछ महीने पहले झारखंड में एक बंगाली प्रवासी की हत्या के बाद बेलडांगा इलाके में दो दिन तक हिंसा और राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध रहा था।