प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। चुनाव आयोग ने उनके बयान पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग ने इस टिप्पणी को गंभीर मानते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
चुनाव आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, खरगे द्वारा प्रधानमंत्री को “आतंकी” कहे जाने वाले बयान को गंभीरता से लिया गया है। इसी के चलते आयोग ने उन्हें नोटिस भेजकर जवाब देने को कहा है।
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की थी। भाजपा ने अपने ज्ञापन में कहा था कि खरगे का बयान बेहद आपत्तिजनक है और यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन भी माना जा सकता है। पार्टी ने आयोग से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने और कांग्रेस अध्यक्ष से सार्वजनिक माफी की मांग करने को कहा था।
भाजपा ने यह भी बताया था कि केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल का एक प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग से मिलने वाला है। पार्टी ने अपनी शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत जांच और कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही भाजपा ने आयोग से यह भी आग्रह किया कि खरगे के बयान के प्रसार पर रोक लगाई जाए और इसे मीडिया तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने के निर्देश दिए जाएं। पार्टी का कहना है कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के बयानों पर सख्त कदम उठाना जरूरी है।