तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने सभी पीठासीन अधिकारियों को ईवीएम की सुरक्षा और संचालन में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
ईवीएम सुरक्षा को लेकर सख्त नियम
आयोग के निर्देशों के अनुसार मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
- सभी उम्मीदवारों के बटन स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए।
- किसी भी बटन को टेप, गोंद या किसी अन्य पदार्थ से ढका नहीं जाना चाहिए।
- मतदान की गोपनीयता बनाए रखने के लिए किसी भी बटन पर रंग, स्याही, इत्र या रसायन का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
यदि इस तरह की कोई अनियमितता पाई जाती है, तो पीठासीन अधिकारी को तुरंत सेक्टर या रिटर्निंग अधिकारी को सूचना देनी होगी। आयोग ने साफ किया है कि इसे चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप माना जाएगा और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें संबंधित मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान भी शामिल हो सकता है।
तमिलनाडु में मतदान की तैयारियां तेज
तमिलनाडु में कुल 75,064 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार सभी केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं और प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए माइक्रो ऑब्जर्वर भी तैनात किए गए हैं, जो किसी भी गड़बड़ी की तुरंत रिपोर्ट करेंगे।
मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
मतदाताओं की सुविधा के लिए वोटर सूचना पर्चियों का वितरण शुरू कर दिया गया है, ताकि लोग अपने मतदान केंद्र की जानकारी पहले से प्राप्त कर सकें।
मतदान केंद्रों पर पीने का पानी, छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र, स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, दिव्यांगों के लिए रैंप और स्पष्ट संकेतक जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था भी की जाएगी।
हर मतदान केंद्र पर चार मानकीकृत सूचना पोस्टर लगाए जाएंगे, जिनमें मतदान प्रक्रिया, उम्मीदवारों की सूची, पहचान पत्रों की जानकारी और आवश्यक निर्देश शामिल होंगे। साथ ही वोटर असिस्टेंस बूथ भी बनाए जाएंगे, जहां मतदाता अपनी सूची में नाम, बूथ संख्या और क्रम संख्या आसानी से देख सकेंगे।
मोबाइल फोन पर भी सख्ती
मतदान केंद्रों के बाहर मोबाइल फोन जमा करने की व्यवस्था की गई है। मतदाताओं को मतदान से पहले फोन बंद कर जमा करना होगा और वोट डालने के बाद वापस ले सकेंगे।
चुनाव आयोग ने बताया कि चुनाव प्रचार समाप्त हो चुका है और अब राज्यों में मौन अवधि लागू है। आयोग ने यह भी कहा है कि सभी तैयारियों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।