नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी वैश्विक संकट के बीच सरकार ने देश में पेट्रोलियम और गैस उत्पादों की आपूर्ति को लेकर नई जानकारी साझा की है। अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता में PNG और CNG की आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही गई।

PNG और CNG की आपूर्ति सुनिश्चित

संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि घरेलू PNG कनेक्शनों के लिए 100 प्रतिशत गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, परिवहन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली CNG की मांग को भी पूरी तरह पूरा किया जा रहा है।

सरकार PNG नेटवर्क के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है और कई कदम उठाए जा चुके हैं। उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए कंपनियों ने प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें 500 रुपये तक मुफ्त गैस और सिक्योरिटी डिपॉजिट में छूट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

कमर्शियल LPG के कोटे में वृद्धि

सरकार ने कमर्शियल LPG का कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि ढाबों, होटलों, औद्योगिक कैंटीन और सरकारी सब्सिडी वाली रसोई को प्राथमिकता दी जाए। प्रवासी मजदूरों को 5 किलोग्राम सिलेंडर के वितरण में प्राथमिकता देने की भी सलाह दी गई है।

अब तक 26 राज्यों ने लगभग 22,000 टन कमर्शियल LPG का आवंटन किया है, जो राज्य सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के माध्यम से पूरे देश में वितरित किया जा रहा है।

परिणाम और लाभ

सरकार के अनुसार, इन कदमों से स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ेगा और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कल ही लगभग 30,000 पांच किलोग्राम सिलेंडरों का वितरण किया गया। इस प्रयास से जरूरतमंद वर्गों तक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है और आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनी हुई है।