कोलकाता: करीब पच्चीस वर्षों के बाद एक बुजुर्ग महिला अपने परिवार से दोबारा संपर्क में तो आई, लेकिन उसे अपनाने से इनकार कर दिया गया। वजह यह बताई जा रही है कि महिला ने इस दौरान अपना धर्म बदल लिया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, झारखंड के गोड्डा जिले की रहने वाली लगभग 70 वर्षीय महिला अपने पति के निधन के बाद वर्षों पहले घर से निकल गई थी। परिजनों से बिछड़ने के बाद वह भटकते हुए कोलकाता पहुंची, जहां एक शेल्टर होम में उसे आश्रय मिला। पिछले ढाई दशक से वह वहीं रह रही थी।
शेल्टर होम में रहने के दौरान कुछ सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने उसकी मदद की। इसी दौरान महिला ने ईसाई धर्म अपना लिया। हालांकि, वह अक्सर अपने परिवार को याद करती थी। उसकी इच्छा को देखते हुए शेल्टर होम के कर्मचारियों ने उसके परिजनों की तलाश शुरू की।
काफी प्रयासों के बाद महिला के परिवार का पता लगाया गया और वीडियो कॉल के माध्यम से उसकी गोड्डा जिले के दहुपनगर गांव में रहने वाले बेटे से बातचीत कराई गई।
लेकिन जब बेटे को पता चला कि उसकी मां अब ईसाई धर्म अपना चुकी हैं, तो उसने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया। बेटे ने शर्त रखी कि यदि उसकी मां दोबारा हिंदू धर्म अपना लें, तो वह उन्हें घर लाने के लिए तैयार है।
महिला ने धर्म परिवर्तन वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है। इस घटना ने परिवार, आस्था और सामाजिक स्वीकार्यता जैसे मुद्दों पर नई चर्चा छेड़ दी है।