नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा हुआ।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर पलटवार किया और कहा कि कुछ सदस्य खुद को अत्यधिक ज्ञानी मानते हैं और बिना तथ्य परखे आरोप लगाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति अनिवार्य है, चाहे कोई प्रधानमंत्री हो, विपक्ष के नेता या अन्य सांसद।
लोकसभा में बहस के दौरान रिजिजू ने यह भी बताया कि अफजल गुरु को फांसी देने के समय गलती से सदन के बीच में चले जाने पर लालकृष्ण आडवाणी ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई थी। आडवाणी ने कहा था कि नए सांसदों को ट्रेजरी बैंच की जगह नहीं जानी चाहिए।
रिजिजू ने आगे कहा कि आज सांसद आसानी से प्रधानमंत्री के सामने झुक जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा ने कभी कागज फाड़कर कुर्सी पर नहीं फेंका और न ही सेक्रेटरी जनरल की टेबल पर चढ़कर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि उनकी पार्टी ने सदन को शर्मसार करने वाले कार्य कभी नहीं किए हैं और स्पीकर हमेशा निष्पक्ष रहे हैं।