पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 दिनों के भीतर चौथी बार हुई बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किस्तों में ईंधन के दाम बढ़ाकर आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है।

राहुल गांधी का बयान

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार धीरे-धीरे ईंधन की कीमतें बढ़ाकर लोगों की जेब पर लगातार दबाव बना रही है। उन्होंने दावा किया कि लंबे समय से आर्थिक संकट के संकेत दिए जा रहे थे, लेकिन उस दौरान सरकार चुनावी गतिविधियों में व्यस्त थी, और चुनाव समाप्त होते ही पेट्रोल-डीजल के दामों में करीब 8 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई।

मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार की नीति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में हर बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ता है और इसका प्रभाव पूरी अर्थव्यवस्था में महसूस किया जाता है। खरगे ने आरोप लगाया कि किसान, मजदूर और छोटे उद्योग सभी वर्ग सरकार की नीतियों का बोझ झेल रहे हैं।

हालिया कीमतों में बदलाव

पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। 15 मई को दोनों ईंधनों की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद 19 मई को 90 पैसे प्रति लीटर और 23 मई को पेट्रोल में 87 पैसे तथा डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बढ़ती कीमतों का असर

विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत पर पड़ सकता है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।