घरेलू शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को मजबूत शुरुआत की और तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स करीब 863 अंक यानी 1.14% की बढ़त के साथ 76,278.58 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी लगभग 256 अंक (1.08%) चढ़कर 23,975.55 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिसकी वजह से प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। इसी दौरान रुपये में भी हल्की मजबूती दर्ज की गई और यह डॉलर के मुकाबले करीब 25 पैसे बढ़कर 95.35 के स्तर पर पहुंच गया।

वैश्विक संकेतों की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट ने भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माहौल तैयार किया। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने और बातचीत में प्रगति की उम्मीदों ने निवेशकों की धारणा को बेहतर किया, जिसका असर दुनिया भर के बाजारों पर देखने को मिला।

शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स ने लगभग 909 अंकों की छलांग लगाकर 76,317.85 का स्तर छू लिया, जबकि एनएसई निफ्टी 262 अंक से अधिक की बढ़त के साथ 23,977.70 के आसपास पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार में हल्की तेजी रही थी, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने मामूली बढ़त के साथ बंद किया था। हालांकि, उस दिन विदेशी निवेशकों की ओर से भारी बिकवाली भी दर्ज की गई थी।

बाजार की इस तेजी में सबसे अहम भूमिका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट की रही। ब्रेंट क्रूड में लगभग 5% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं। पहले यह स्तर 100 से 105 डॉलर के बीच बना हुआ था। तेल की कीमतों में इस नरमी से महंगाई के दबाव में कमी आने, आयात लागत घटने और कंपनियों के मुनाफे पर सकारात्मक असर की उम्मीद बढ़ी है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत की तरह है। इससे न सिर्फ मुद्रास्फीति नियंत्रित रहने की संभावना बढ़ती है, बल्कि कॉरपोरेट सेक्टर की लागत भी कम होती है, जिससे लाभ में सुधार देखने को मिल सकता है।

शेयरों की बात करें तो महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, लार्सन एंड टुब्रो और इंटरग्लोब एविएशन जैसे शेयरों में मजबूती रही और इनसे निवेशकों को फायदा मिला। दूसरी ओर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और सन फार्मा जैसे शेयरों में कमजोरी का रुख देखने को मिला।

वैश्विक बाजारों में भी तेजी का माहौल रहा। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीदों के बीच एशियाई बाजारों में मजबूती देखने को मिली। जापान का निक्केई इंडेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 3% से अधिक उछल गया। वहीं ऑस्ट्रेलिया और चीन के बाजारों में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, कुछ देशों में अवकाश के कारण ट्रेडिंग बंद रही और अमेरिका में भी छुट्टी के चलते बाजार बंद रहा।

विश्लेषकों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह नीचे बनी रहती हैं और भू-राजनीतिक तनाव में कमी आती है, तो यह वैश्विक और भारतीय बाजारों के लिए एक बड़ा सकारात्मक मोड़ साबित हो सकता है। हालांकि, वे यह भी मानते हैं कि स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर नहीं है और आगे की दिशा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।