नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं, जहां ईरान की ओर से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर बढ़ते हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को चुनौती दे दी है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बातचीत की और भारत की एकजुटता जताई। पीएम मोदी ने इस बातचीत की जानकारी खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।

यूएई पर हमलों की निंदा
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और जिन लोगों ने जान गंवाई, उनके प्रति गहरा दुख जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है।

भारतीय समुदाय की सुरक्षा का ध्यान
मोदी ने यूएई में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रपति का धन्यवाद किया। यूएई में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते और रहते हैं, इसलिए भारत सरकार लगातार वहां की स्थिति पर नजर रख रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए हमेशा समर्थन करता है और सभी पक्षों को मिलकर तनाव कम करने (De-escalation) की दिशा में काम करना चाहिए।

भारतीय नागरिक सुरक्षित
अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि हमले में घायल एक भारतीय नागरिक अस्पताल में इलाज के बाद सुरक्षित है। दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन और अस्पताल के संपर्क में है और घायल को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।

यूएई में हमले का असर
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान की हमलों में तीन लोगों की मौत हुई और कुल 58 लोग घायल हुए। इनमें कई विदेशी नागरिक शामिल हैं। हमलों के दौरान कई जगहों पर मलबा गिरने और विस्फोटों से संपत्ति को नुकसान पहुंचा।

हमले में मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल
यूएई सेना ने बताया कि हमलों के दौरान 165 बैलिस्टिक मिसाइल, 2 क्रूज मिसाइल और 541 ड्रोन दागे गए। इनमें से 506 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया, जबकि 35 ड्रोन देश के भीतर गिरने से सीमित नुकसान हुआ। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हवाई हमलों को रोकने में सक्रिय हैं।