ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि देश अपनी सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा ईरान का अधिकार है और इस अधिकार के प्रयोग में कोई बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।
अल जजीरा को दिए एक साक्षात्कार में अराघची ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या को “अत्यंत गंभीर और अभूतपूर्व” घटना बताया। उनके मुताबिक, किसी राष्ट्र के शीर्ष नेता की विदेशी ताकतों द्वारा हत्या अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है और इससे क्षेत्रीय तनाव और अधिक बढ़ सकता है।
उत्तराधिकारी को लेकर क्या कहा?
खामेनेई के बाद नए सर्वोच्च नेता के चयन पर पूछे गए सवाल के जवाब में अराघची ने बताया कि ईरान के संविधान के अनुसार प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एक अंतरिम (ट्रांजिशन) परिषद बनाई गई है, जिसमें राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और गार्डियन काउंसिल के एक सदस्य शामिल हैं। यह परिषद अस्थायी रूप से जिम्मेदारियां संभालेगी।
अंतिम निर्णय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स द्वारा लिया जाएगा। अराघची ने संकेत दिया कि नए नेता के चयन में अधिक समय नहीं लगेगा और प्रक्रिया शीघ्र पूरी हो सकती है।
अमेरिका पर आरोप, आत्मरक्षा की दलील
परमाणु वार्ता के संदर्भ में उन्होंने अमेरिका पर बातचीत के दौरान हमला करने का आरोप लगाया और कहा कि ईरान ने हमेशा कूटनीति का समर्थन किया है। उनका कहना था कि ईरान किसी पड़ोसी देश को निशाना नहीं बना रहा, बल्कि केवल उन अमेरिकी ठिकानों पर कार्रवाई कर रहा है जिन्हें वह हमलों के लिए जिम्मेदार मानता है।
उन्होंने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी के देशों के साथ ईरान के संबंध सामान्य और मैत्रीपूर्ण हैं तथा उन्हें नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर रुख
अराघची ने स्पष्ट किया कि फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को बाधित करने का निर्णय नहीं लिया गया है और ईरान केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है।
“युद्ध से किसी को लाभ नहीं”
विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा संघर्ष में किसी भी पक्ष को निर्णायक जीत नहीं मिलेगी। उनके अनुसार, ईरान लंबे समय तक प्रतिरोध के लिए तैयार है और दबाव में झुकने वाला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इस्राइल अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल करने में सफल नहीं हुए हैं।
क्षेत्रीय असर और विरोध प्रदर्शन
अराघची ने खामेनेई की हत्या के बाद विभिन्न देशों में हुए विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक अंतरराष्ट्रीय प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने दोहराया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन यदि उस पर हमला जारी रहा तो वह जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। साथ ही उन्होंने पश्चिम एशिया के देशों से अपील की कि वे स्थिति की पृष्ठभूमि को समझें और संघर्ष को समाप्त करने के लिए उचित पक्ष पर दबाव बनाएं।