बाहरी दिल्ली। होली से ठीक पहले दिल्ली की हजारों बेटियों को आर्थिक मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। दिल्ली सरकार सोमवार को वर्ष 2008 में शुरू की गई ‘दिल्ली लाडली योजना’ के तहत परिपक्व (मैच्योर) हो चुके खातों में राशि हस्तांतरित करेगी। करीब 40 हजार लाभार्थी लड़कियों के बैंक खातों में लगभग 100 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे।

इस अवसर पर सरकार कुछ नई महिला-केन्द्रित योजनाओं की भी घोषणा कर सकती है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मॉडल टाउन में आयोजित ‘पहला वर्ष बदलाव का, एक साल विकास का’ जन संवाद कार्यक्रम में कहा कि पूर्व में योजना शुरू तो की गई थी, लेकिन कई पात्र बच्चियों तक इसका लाभ नहीं पहुंच पाया। उनके अनुसार लगभग 1.75 लाख बच्चियां योजना से वंचित थीं। सरकार ने ऐसे मामलों की पहचान कर पहले 30 हजार बेटियों को 90 करोड़ रुपये वितरित किए और अब 40 हजार अन्य लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि लाडली योजना के स्थान पर अब ‘लखपति बिटिया योजना’ शुरू की गई है, जिसके तहत प्रत्येक पात्र बेटी को लगभग सवा लाख रुपये की सहायता दी जाएगी, जिससे उनकी उच्च शिक्षा में मदद मिल सके।

विकास कार्यों पर भी जोर

कार्यक्रम में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी भी साझा की गई। शकूरबस्ती में 260 करोड़ रुपये, त्रिनगर में 100 करोड़, मॉडल टाउन में 160 करोड़ और आदर्श नगर में 120 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं। शालीमार बाग और वजीरपुर क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों के निर्माण के लिए 750 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

नई सड़क परियोजना और अन्य घोषणाएं

इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन से यूईआर-2 तक करीब 5,000 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य शुरू होने की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा होली के अवसर पर 17.5 लाख परिवारों को मुफ्त गैस सिलेंडर देने की योजना के तहत 122 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए जाने की बात कही गई। महिलाओं के लिए ‘पिंक कार्ड’ जारी करने की घोषणा भी की गई, जिससे वे बसों में निशुल्क यात्रा कर सकेंगी।

राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विभिन्न कथित घोटालों को लेकर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। वहीं, कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने एक वर्ष के भीतर हुए विकास कार्यों को उपलब्धि बताया।