पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती जा रही है, जिसका असर भारत में भी लोगों की चिंता के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि केंद्र सरकार ने हालात को नियंत्रण में बताते हुए लोगों से घबराने की जरूरत न होने की अपील की है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार शाम राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक शाम 6:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी।

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में राज्यों की तैयारियों, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना इसका मुख्य उद्देश्य है। आचार संहिता लागू होने के कारण चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री इसमें शामिल नहीं होंगे। उनके मुख्य सचिवों के साथ अलग से चर्चा कैबिनेट सचिवालय स्तर पर की जाएगी।

हाल ही में प्रधानमंत्री ने संसद के दोनों सदनों में भी मौजूदा वैश्विक हालात पर चर्चा की थी। उन्होंने ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए घरेलू संसाधनों को मजबूत करने और भंडारण क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया था। साथ ही राज्यों को निर्देश दिया गया था कि किसी भी स्थिति में जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखी जाए।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि संकट की स्थिति में आम जनता पर महंगाई का बोझ न पड़े, यह सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए राज्यों को जरूरी वस्तुओं की नियमित निगरानी करने और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान की भरपाई में समय लग सकता है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है। हालात से निपटने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समूह भी गठित किया गया है। इसके साथ ही सरकार एलपीजी के साथ-साथ पीएनजी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है, ताकि घरेलू गैस आपूर्ति सुचारू बनी रहे।