अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे देश और दुनिया में योग को लेकर उत्साह देखने को मिला। इस विशेष दिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Narendra Modi कोलकाता में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने ऐतिहासिक रेड रोड पर सामूहिक योगाभ्यास किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल में उपस्थित होना उनके लिए एक विशेष अनुभव है। उन्होंने कहा कि यह धरती आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध रही है, जहां भगवान श्रीरामकृष्ण परमहंस जैसे महान संतों ने जन्म लिया, और यहीं से Swami Vivekananda ने पूरी दुनिया को योग और भारतीय दर्शन से परिचित कराया। इसी भूमि से महर्षि अरविंद जैसे महान योगी ने भी प्रेरणा दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सामूहिक योग का यह अनुभव केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति भी है। योग केवल आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन में एकता, संतुलन और शांति का आधार है। उन्होंने कहा कि योग आज व्यक्तिगत जीवनशैली का हिस्सा होने के साथ-साथ विश्व के बेहतर भविष्य के लिए भी आवश्यक बन चुका है।
पूरे विश्व को दी योग दिवस की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस International Yoga Day के अवसर पर देश और दुनिया के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्व के अलग-अलग हिस्सों से योग की अद्भुत तस्वीरें सामने आ रही हैं। भारत में हिमालय से लेकर समुद्र तटों तक, और पूर्व से पश्चिम तक हर जगह योग की ऊर्जा महसूस की जा रही है।
उन्होंने कहा कि योग सबको जोड़ता है और यह मानवता के लिए एक साझा आधार तैयार करता है। यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन की चेतना और ऊर्जा को जाग्रत करने का माध्यम है।
‘योग जीवन का अभिन्न हिस्सा’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महान संतों ने भी बताया है कि पूरा जीवन ही योग है, चाहे हमें इसका प्रत्यक्ष बोध हो या नहीं। जब योग हमारे स्वभाव का हिस्सा बन जाता है, तब यह मानव एकता और वैश्विक कल्याण का मजबूत आधार बनता है।
उन्होंने यह भी कहा कि 21 जून वर्ष का सबसे लंबा दिन होने के साथ-साथ अब यह दुनिया के सबसे बड़े सामूहिक उत्सवों में से एक बन चुका है।
इस वर्ष की थीम
इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ रखी गई है, जो जीवन के हर चरण में स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह थीम वैश्विक स्तर पर योग की बढ़ती स्वीकार्यता और इसकी उपयोगिता को दर्शाती है।