नई दिल्ली: गाजा को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और भाजपा के बीच सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्राइल दौरे से पहले प्रियंका गांधी ने उनसे अपील की कि वे गाजा में कथित हिंसा और पीड़ितों के लिए न्याय का मुद्दा उठाएं। प्रियंका ने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सच, न्याय और शांति की आवाज बनना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री इस्राइल की संसद में इस मसले का उल्लेख करेंगे। प्रियंका वायनाड से सांसद हैं और उनका कहना है कि भारत की परंपरा हमेशा मानवाधिकार और शांति के पक्ष में रही है।

भाजपा का जवाब
इस पर भाजपा ने कड़ा जवाब दिया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह “चुनिंदा आक्रोश” दिखा रही हैं और वोटबैंक राजनीति कर रही हैं। उन्होंने प्रियंका को फिल्म गजनी के किरदार से जोड़ते हुए यह आरोप लगाया कि उनके पास 7 अक्टूबर को इस्राइल में हुए हमलों की निंदा करने का साहस नहीं है। भाटिया ने कहा कि 1200 से ज्यादा निर्दोष लोगों की हत्या और महिलाओं के अपहरण पर संवेदनशील रुख दिखाना प्रियंका के लिए मुश्किल लगता है।

भाटिया ने आगे कहा कि संसद में ‘फलस्तीन’ लिखा बैग लेकर जाना आसान है, लेकिन आतंकवादी हमलों की खुलकर निंदा करना कठिन। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में संतुलित और स्पष्ट रुख होना जरूरी है।

पीएम मोदी का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से दो दिवसीय इस्राइल दौरे पर जा रहे हैं। यह उनका नौ साल में दूसरा दौरा है और इसका उद्देश्य रक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करना बताया गया है। 7 अक्टूबर को इस्राइल पर हमलों के बाद गाजा में सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया था। इसी मुद्दे पर देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज है और भाजपा तथा कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।