नई दिल्ली। ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली के तहत 12वीं के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद पर केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है।
जांच के लिए एक सदस्यीय समिति गठित
सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन भी किया है। यह जिम्मेदारी कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की अध्यक्ष एस. राधा चौहान को सौंपी गई है। समिति को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को सौंपनी होगी।
नए अधिकारियों की नियुक्ति
केंद्र सरकार ने प्रशासनिक बदलाव करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। वहीं इंडियन इंफॉर्मेशन सर्विस के अधिकारी वरुण भारद्वाज को सीबीएसई का नया सचिव बनाया गया है।
पीएमओ की रिपोर्ट के बाद तेज हुई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, पीएमओ ने OSM मूल्यांकन में सामने आई गड़बड़ियों पर पहले ही विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी, जो सोमवार देर रात सौंपी गई। इसके बाद ही कार्रवाई का संकेत मिल गया था। सरकार का मानना है कि मौजूदा प्रशासनिक नेतृत्व इस खामी को ठीक करने में प्रभावी नहीं रहा।
पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक, पीएमओ इस बात से भी असंतुष्ट था कि शिकायतों के बाद सुधार प्रक्रिया में देरी हुई और पुनर्मूल्यांकन व्यवस्था भी ठीक से काम नहीं कर सकी। इससे छात्रों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जांच का दायरा बढ़ने की संभावना
सरकारी आदेश के अनुसार, एस. राधा चौहान की अध्यक्षता वाली समिति को जांच के दौरान किसी भी विशेषज्ञ या अधिकारी को शामिल करने का अधिकार दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई संभव है।
कैसे शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला 13 मई को 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद सामने आया, जब कई छात्रों ने कम अंक मिलने की शिकायत की। शुरुआत में सीबीएसई ने इन शिकायतों को नजरअंदाज किया, लेकिन मामला बढ़ने पर पुनर्मूल्यांकन और कॉपियों की जांच शुरू की गई।
हालांकि, इस दौरान कुछ छात्रों को गलत उत्तर पुस्तिकाएं दिए जाने की शिकायतें सामने आईं, जिससे विवाद और गहरा गया। मामला अब तक पूरी तरह शांत नहीं हो सका है।