कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। चुनावी नतीजों के बाद सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) चुनाव प्रक्रिया और हालिया घटनाओं को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा इन आरोपों को खारिज करते हुए टीएमसी पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगा रही है।
मंगलवार को टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कोलकाता में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ रानी रासमणि एवेन्यू पहुंचीं ममता बनर्जी ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बाधाएं खड़ी की जा रही हैं, लेकिन पार्टी अपने कार्यक्रमों से पीछे नहीं हटेगी।
धरना स्थल पर मौजूद टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने भी पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष तरीके से काम करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों को राजनीतिक प्रभाव से ऊपर उठकर अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए। साथ ही उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में पार्टी की ओर से और बड़े आंदोलन आयोजित किए जा सकते हैं।
टीएमसी का कहना है कि उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न स्थानों पर हिंसा और हमलों की घटनाएं हुई हैं, जिनके विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है। पार्टी ने विशेष रूप से कुछ हालिया घटनाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
दूसरी तरफ भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित नहीं होगी और कानून के दायरे में रहकर अपना काम जारी रखेगी।
प्रदर्शन से पहले ममता बनर्जी और अन्य टीएमसी नेताओं ने डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संदेश भी दिया गया।