केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के चेयरमैन और सचिव के ट्रांसफर तथा ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति गठित किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस कदम को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा है।

राहुल गांधी ने बताया ‘कवर-अप’

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि सीबीएसई चेयरमैन और सचिव का ट्रांसफर कर दिया गया है और एक सदस्यीय जांच समिति बना दी गई है, लेकिन असली जिम्मेदार को बचाया जा रहा है।

उन्होंने लिखा कि यह कार्रवाई जवाबदेही नहीं बल्कि “कवर-अप” है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इससे बचाया जा रहा है।

शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी और न्यायिक जांच की मांग

कांग्रेस सांसद ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग दोहराते हुए कहा कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच होनी चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार एक महीने पुराने मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीबीएसई के 18.5 लाख छात्रों की चिंता होती, तो अब तक कार्रवाई हो चुकी होती।

OSM सिस्टम जांच के लिए समिति गठित

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम से जुड़ी सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान को सौंपी गई है।

समिति को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को सौंपनी है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।