मुजफ्फरनगर पुलिस ने दिल्ली से संचालित एक सक्रिय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह बागपत में अपने रिश्तेदारों के यहां ठहरकर मुजफ्फरनगर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। मामले का खुलासा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया।

मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश घायल, दूसरा गिरफ्तार

एसएसपी के अनुसार कोतवाली नगर पुलिस की कार्रवाई के दौरान बदमाशों से मुठभेड़ हुई। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में एक आरोपी मुकेश गोली लगने से घायल हो गया। जबकि उसके दूसरे साथी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।


दिल्ली-बागपत कनेक्शन से चलता था चोरी का नेटवर्क

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी मुकेश ठाकुर और अमित कश्यप के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी बागपत में अपने रिश्तेदारों के यहां रुककर वहां से मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत समेत कई जिलों में वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।

चोरी की गई मोटरसाइकिलों को या तो बेच दिया जाता था या फिर अन्य आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता था।

हथियार, नकदी और फर्जी नंबर प्लेट बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, कारतूस, तीन मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक पेटीएम मशीन, दो मोटरसाइकिलें, फर्जी नंबर प्लेट और 11,500 रुपये नकद बरामद किए हैं।

बरामद हुई होंडा साइन बाइक कोतवाली नगर क्षेत्र से चोरी किया गया था, जबकि दूसरी बाइक का इस्तेमाल वारदातों को अंजाम देने में किया जाता था।

कई जिलों में फैला हो सकता है नेटवर्क

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किन-किन जिलों में वारदातें की हैं।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पूछताछ के दौरान और भी कई चोरी की घटनाओं का खुलासा हो सकता है।