नई दिल्ली। आज राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कड़ी नोक-झोंक देखने को मिली। भाजपा के नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्हें “अबोध बालक” कहा और विपक्ष से अपील की कि वे अपने नेता को इस बंधन से मुक्त करें।

जेपी नड्डा ने कहा, “अबोध और अहंकार का मिश्रण घातक होता है। कांग्रेस को उस अबोध व्यक्ति के प्रभाव से बाहर निकलना चाहिए और लोकतांत्रिक तरीके से ही काम करना चाहिए। आपको अपने सदस्यों को भी यह समझाना होगा।”

उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए हमेशा तैयार है। नड्डा ने कहा कि लोकसभा में प्रधानमंत्री बैठकर जवाब देने के लिए उपलब्ध थे, लेकिन विपक्ष ने सदन को व्यवस्थित रूप से चलने नहीं दिया। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी विपक्ष ने बयान मांगा, जिस पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जानकारी दी। सरकार ने स्पष्ट किया कि विस्तृत विवरण तैयार होने के बाद सार्वजनिक किया जाएगा।

संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष को सदन की कार्यवाही में बाधा नहीं डालनी चाहिए। उन्होंने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को नियत समय से अधिक—लगभग 20 मिनट—सम्मानजनक अवसर दिया गया, लेकिन उन्होंने बार-बार स्पीकर की अनुमति का उल्लंघन किया।

विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सत्ता पक्ष पर हमला करते हुए कहा कि संसद लोकसभा और राज्यसभा दोनों से मिलकर बनती है। यदि एक सदन में नेता प्रतिपक्ष को बोलने का अवसर नहीं मिलेगा, तो दूसरे सदन पर भी इसका असर पड़ेगा। खरगे ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष अहंकार में है और लोकतंत्र की प्रक्रिया को दबाने की कोशिश कर रहा है।