नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटके हुए व्यापार समझौते पर अंततः सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद इस घोषणा की। इसके बावजूद विपक्ष लगातार इस समझौते पर सवाल उठा रहा है और इसे लेकर कृषि क्षेत्र में किसानों की सुरक्षा पर चिंता जताई जा रही है।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि भारतीय किसानों के हित इस समझौते में पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, “छोटे हों या बड़े किसान, सभी कृषि उत्पाद सुरक्षित रहेंगे। बाजार को किसी भी तरह के कृषि उत्पाद के लिए खोला नहीं गया है। इस समझौते से किसानों की उपज और हितों को कोई खतरा नहीं है।”
मंत्री ने कहा कि यह समझौता कूटनीति और विकास का एक नया उदाहरण है। उन्होंने विपक्ष पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य दल अंध विरोध और अफवाहों के जरिए अनिश्चितता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। चौहान ने कहा, “मुख्य अनाज, फल, प्रमुख फसलें और डेयरी उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित हैं। कपड़ा निर्यात में वृद्धि से कपास किसानों को भी लाभ मिलेगा।”
बता दें कि बुधवार को संसद में राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री के बीच हुई नोकझोंक को लेकर भी चौहान ने तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “नेता प्रतिपक्ष का एक मंत्री को ‘गद्दार’ कहना और प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। जनता ने हमेशा ऐसे तुच्छ व्यवहार को सही सबक सिखाया है।”