नई दिल्ली। दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस द्वारा किया गया प्रदर्शन देशभर में सुर्खियों में है। चार प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने 5 दिन की रिमांड पर भेजा है। इस प्रदर्शन पर सत्तारूढ़ भाजपा ने तीव्र आपत्ति जताई है, वहीं विपक्षी दलों ने भी इसे अनुचित बताया है।

पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती ने इस घटना की आलोचना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित सम्मेलन में अर्द्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन करना देश की प्रतिष्ठा के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह व्यवहार निंदनीय और अस्वीकार्य है। मायावती ने यह भी कहा कि अगर यह आयोजन केवल घरेलू स्तर का होता तो स्थिति अलग होती, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसा करना चिंता का विषय है।

यूथ कांग्रेस ने इस पर जवाब दिया कि वे देश के मुद्दों के लिए सक्रिय रहेंगे और राजनीतिक आरोपों पर ध्यान नहीं देंगे।

विरोध पर प्रतिक्रिया

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और YSR कांग्रेस पार्टी के नेता वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि इस प्रदर्शन ने सभी को शर्मिंदा किया और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश की छवि को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।

भारत राष्ट्र समिति के प्रमुख और पूर्व मंत्री केटी राम राव (KTR) ने भी प्रदर्शन पर असंतोष जताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच को राजनीतिक नाटकों के लिए इस्तेमाल करना भारत की वैश्विक छवि के लिए हानिकारक है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना ठीक है, लेकिन उसका सही समय और स्थान होना चाहिए, और अंतरराष्ट्रीय समिट उसके लिए उपयुक्त नहीं है।

तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलगू देशम पार्टी के महासचिव और मंत्री लोकेश नारा ने कहा कि इस प्रदर्शन ने भारत की बढ़ती AI नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित करने वाले इस ग्लोबल प्लेटफॉर्म को राजनीतिक झगड़े में बदल दिया, जिससे देश की वैश्विक प्रतिष्ठा कमजोर हुई।

इस तरह AI इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन न केवल राजनीतिक बहस का विषय बना बल्कि देश की अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी सवाल उठाने वाला मामला बन गया।