पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले राज्य में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। इसी बीच भवानीपुर क्षेत्र में रविवार को उस समय असामान्य स्थिति देखने को मिली, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी की जनसभा बेहद करीब आयोजित हुईं।
जानकारी के अनुसार, दोनों रैलियों के बीच की दूरी करीब 100 मीटर थी, जिसके चलते वहां शोर-शराबे और ध्वनि व्यवस्था को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से उनके कार्यक्रम की ओर लाउडस्पीकर की आवाज तेज की गई, जिससे उनकी सभा प्रभावित हो रही है। इसके बाद उन्होंने कुछ देर के लिए मंच से उतरने का निर्णय लिया।
इस घटना को लेकर भाजपा ने पलटवार किया है। पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब किसी नेता को मंच से उतरना पड़े तो यह उनकी असहजता और घबराहट को दर्शाता है। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव और संभावित हार का संकेत बताया।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस की ओर से भाजपा पर जानबूझकर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया गया है। दोनों दलों के बीच इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे चुनावी माहौल और अधिक गर्मा गया है।
फिलहाल दूसरे चरण के मतदान से पहले राज्य में प्रचार अभियान तेज हो चुका है और राजनीतिक दल एक-दूसरे पर लगातार हमलावर हैं।