बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को मुंगेर जिले के असरगंज प्रखंड की अमैया पंचायत स्थित बैजलपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने काली मंदिर परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुना। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित भी किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस क्षेत्र से पहली बार विधायक बने थे और अब उन्हें बिहार की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री के रूप में मिली है, जो उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि वे पहले विधायक और विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं, लेकिन अपने क्षेत्र और जन्मस्थान की सेवा का यह अवसर उनके लिए विशेष महत्व रखता है।
विकसित बिहार के लक्ष्य पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहयोग से उन्हें राज्य का नेतृत्व करने का अवसर मिला है। उन्होंने इसे एक चुनौतीपूर्ण दायित्व बताते हुए कहा कि उनका लक्ष्य बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूत करना है। उन्होंने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उठाए गए विषयों का उल्लेख करते हुए भगवान गौतम बुद्ध के शांति संदेश और साइबेरियन पक्षियों के आगमन पर भी प्रकाश डाला।
विकास कार्यों में तेजी की जरूरत
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के कार्यकाल में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम हुआ है, लेकिन अब इन विकास कार्यों को और तेज करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय लगातार निगरानी करेगा।
इको टूरिज्म परियोजना का शिलान्यास
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ढोल पहाड़ी पहुंचे, जहां उन्होंने इको टूरिज्म योजना के तहत लगभग 12.49 करोड़ रुपये की विकास परियोजना का शिलान्यास किया।
इसके बाद उनका कार्यक्रम लखनपुर गांव, तारापुर स्थित सिंचाई प्रमंडल, तेलडीहा मंदिर और माहपुर यज्ञ स्थल तक जारी रहेगा। यहां वे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे। सभी कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पटना के लिए रवाना होंगे।