उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में एक बार फिर सर्द मौसम ने जोर पकड़ लिया है। इन राज्यों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है, वहीं कई जगहों पर यातायात और बिजली व्यवस्था भी बाधित हुई है।

हिमाचल: तीन महीने बाद मौसम ने बदली करवट

लंबे सूखे दौर के बाद हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी ने राहत दी है। शिमला, मनाली, नारकंडा, कुफरी, चायल, डलहौजी और कल्पा सहित कई इलाकों में इस सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। चंबा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊपरी क्षेत्रों में बर्फ की मोटी परत जम गई है।
तेज हवाओं और बर्फीले तूफान के कारण शिमला में यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। किसान, बागवान और पर्यटन से जुड़े लोग इस बदलाव से उत्साहित हैं, हालांकि कुछ क्षेत्रों में सड़कें और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।

शिमला में बर्फीला नज़ारा, पर्यटकों की चहल-पहल

पहाड़ी की रानी शिमला में सीजन की पहली बर्फबारी होते ही रिज और मॉल रोड पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी। महीनों की शुष्कता के बाद हुई इस बर्फबारी ने सेब उत्पादकों और किसानों को राहत दी है।

जम्मू क्षेत्र में हालात मुश्किल

जम्मू-कश्मीर के रामबन, डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, राजोरी, रियासी, उधमपुर और कठुआ जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फ गिर रही है। कई स्थानों पर पांच इंच से लेकर एक फुट तक बर्फ जम चुकी है।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई सड़कों को एहतियातन बंद किया गया है। पहाड़ी जिलों में स्कूलों को भी अस्थायी रूप से बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। त्रिकुटा पर्वत पर स्थित माता वैष्णो देवी धाम में भी सीजन की पहली बर्फबारी के कारण यात्रा कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी।

उत्तराखंड: मसूरी बनी बर्फीली दुल्हन

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी मौसम ने अचानक करवट ली। मसूरी, धनोल्टी, चकराता, औली, गंगोत्री और टिहरी के आसपास के इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी हुई। हल्की बारिश के बाद तापमान गिरते ही मसूरी की सड़कें, देवदार के जंगल और पहाड़ सफेद चादर में ढक गए।
मसूरी के कंपनी गार्डन, कैम्पटी फॉल रोड और मॉल रोड के आसपास बर्फ जमने से नज़ारा बेहद आकर्षक हो गया। स्थानीय लोग और पर्यटक इस मौसम का आनंद लेते नजर आए, वहीं मसूरी सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड करती दिखी।