कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर साझा करने और आरएसएस की संगठनात्मक कार्यप्रणाली की सराहना किए जाने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर की टिप्पणी ने विवाद को और बढ़ा दिया, जिस पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने टैगोर के बयान को देशभक्ति और राष्ट्रीय संस्थाओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति में इस कदर उलझ चुकी है कि उसे न तो राष्ट्रहित की चिंता है और न ही देश की सेवा करने वाली संस्थाओं के सम्मान की।
पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले हिंदू, सनातन परंपरा, भारतीय सेना और देश के खिलाफ बयान देती रही है और अब वर्षों से राष्ट्रीय सेवा में लगी संस्था को आतंकवादी संगठनों से जोड़कर अपमानित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चुप्पी साधे रहती है, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे बयान देने से पीछे नहीं हटती।
‘राष्ट्रभक्तों का अपमान’ बताया बयान
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मणिकम टैगोर की टिप्पणी सभी राष्ट्रभक्त नागरिकों का अपमान है। देशहित में काम करने वाली संस्थाओं के प्रति सम्मान दिखाना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब मणिकम टैगोर ने दिग्विजय सिंह द्वारा आरएसएस की संगठनात्मक मजबूती की सराहना किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। टैगोर ने कहा था कि आरएसएस एक ऐसा संगठन है जो नफरत फैलाता है और इससे कुछ सीखने की बात करना गलत है। उन्होंने इसकी तुलना अल-कायदा जैसे आतंकी संगठन से करते हुए कहा था कि नफरत पर आधारित संगठनों से कोई सकारात्मक सीख नहीं मिल सकती।
कांग्रेस की विरासत का किया जिक्र
अपने बयान में टैगोर ने कांग्रेस की प्रशंसा करते हुए कहा कि पार्टी 140 वर्षों से देश को जोड़ने का काम कर रही है। उन्होंने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस को एक जन आंदोलन का रूप दिया गया, जिसने देश को आज़ादी की राह दिखाई। टैगोर ने सवाल उठाया कि क्या समाज को नफरत फैलाने वाले संगठनों से सीख लेनी चाहिए या फिर सकारात्मक और रचनात्मक काम करने वालों से।