नई दिल्ली। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने शुक्रवार को पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक हुए इस्तीफे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक वजह उन्हें भी ज्ञात नहीं है। अंसारी के मुताबिक, धनखड़ पर किसी तरह का दबाव था या नहीं, इस बारे में वे कुछ नहीं कह सकते, लेकिन इतना जरूर है कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया और अलग हो गए।
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में हामिद अंसारी ने कहा कि उपराष्ट्रपति जैसा संवैधानिक पद बेहद महत्वपूर्ण होता है और आमतौर पर इस पद से इस्तीफा देने की परंपरा नहीं रही है। उन्होंने कहा कि इतिहास में ऐसा केवल तभी हुआ है, जब कोई उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति पद पर निर्वाचित हुआ हो। धनखड़ के मामले में क्या परिस्थितियां बनीं, इस पर अंसारी ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।
गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ ने जुलाई 2025 में अचानक उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दे दिया था। अपने इस्तीफे में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कहा था कि वे चिकित्सकीय सलाह के अनुसार अब अपनी सेहत को प्राथमिकता देना चाहते हैं। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की बात कही थी। साथ ही, उन्होंने राष्ट्रपति को उनके सहयोग और सौहार्दपूर्ण कार्य संबंधों के लिए धन्यवाद भी दिया था।
धनखड़ के इस्तीफे के बाद लंबे समय तक उनकी ओर से कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया, जिस पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए। कांग्रेस समेत कई दलों ने सरकार से उनके लिए औपचारिक विदाई समारोह आयोजित करने की मांग भी की थी। इसी बीच, राजनीतिक गलियारों में इस्तीफे को लेकर अटकलें तेज हो गईं।
सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया कि स्वास्थ्य कारणों के अलावा कुछ अन्य वजहें भी इस फैसले के पीछे हो सकती हैं। दावा किया गया कि एक कथित कैशकांड मामले में न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने से जुड़े विपक्षी नोटिस को स्वीकार किए जाने के बाद हालात बदले। हालांकि, भाजपा ने ऐसे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।