कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस परियोजना को रक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा बताकर पेश कर रही है, जबकि वास्तविक उद्देश्य इससे अलग है।

‘रक्षा परियोजना का दावा झूठा’ – राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार का यह दावा कि ग्रेट निकोबार परियोजना रक्षा और माल ढुलाई से जुड़ी है, पूरी तरह गलत है। उनके अनुसार, यह परियोजना देश की सबसे संवेदनशील और मूल्यवान पारिस्थितिक भूमि को व्यावसायिक हितों के लिए उपयोग में लाने का प्रयास है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस क्षेत्र में होटल और कैसीनो जैसे व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने की योजना है, जिससे पर्यावरण और स्थानीय समुदायों पर गंभीर असर पड़ेगा।

निकोबार दौरे का वीडियो जारी

राहुल गांधी ने हाल ही में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अपनी यात्रा पर आधारित 16 मिनट से अधिक का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया। इसमें उन्होंने अपने दौरे के अनुभवों का उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि उन्होंने इंदिरा प्वाइंट का दौरा किया, प्राचीन वनों के बीच समय बिताया और समृद्ध समुद्री जैव विविधता वाले प्रवाल क्षेत्रों को देखा। साथ ही उन्होंने वहां रहने वाले आदिवासी समुदायों और पुनर्वासित पूर्व सैनिकों से बातचीत का भी जिक्र किया।

पर्यावरण और विस्थापन पर चिंता

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस परियोजना के चलते बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई और पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि हजारों पेड़ों को हटाया गया है और सरकारी दस्तावेजों में प्रवाल भित्तियों से जुड़ी जानकारियों को नजरअंदाज किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी समुदायों और स्थानीय निवासियों की जमीन प्रभावित हो रही है और कई लोगों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है।

‘व्यावसायिक हितों के लिए जमीन का उपयोग’ का आरोप

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस परियोजना के पीछे व्यावसायिक हित काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग निजी लाभ के लिए किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब देश में पहले से ही बंदरगाह और ढांचागत सुविधाएं मौजूद हैं, तो ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में नई परियोजना की आवश्यकता क्यों है।

सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ी बहस

राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी इस परियोजना को लेकर चिंता जताते हुए इसे पारिस्थितिक आपदा की ओर ले जाने वाला कदम बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना को लेकर दिए जा रहे रणनीतिक तर्कों के पीछे वास्तविक पर्यावरणीय प्रभावों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से इस मुद्दे पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह विवाद राजनीतिक और पर्यावरणीय दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।