कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन ने सोमवार (18 मई 2026) को तिरुवनंतपुरम स्थित सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही राज्य में नई UDF सरकार का औपचारिक गठन हो गया।

मुख्यमंत्री के साथ ही यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के नए मंत्रिमंडल ने भी शपथ ग्रहण की। इस कैबिनेट में कांग्रेस के 11 मंत्री, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के 5 मंत्री और गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।

शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी भी देखने को मिली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई वरिष्ठ नेता इस मौके पर तिरुवनंतपुरम में मौजूद रहे।

नए मंत्रिमंडल में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को जगह दी गई है। इनमें रमेश चेन्निथला, सन्नी जोसेफ, के. मुरलीधरन, ए.पी. अनिल कुमार, पी.सी. विष्णुनाथ, टी. सिद्दीकी, बिंदु कृष्णा, के.ए. तुलसी, रोजी एम. जॉन, एम. लिजू और ओ.जे. जनीश शामिल हैं।

IUML की ओर से पी.के. कुन्हालीकुट्टी, एन. शमसुद्दीन, के.एम. शाजी, पी.के. बशीर और वी.ई. अब्दुल गफूर ने मंत्री पद की शपथ ली।

इसके अलावा UDF के अन्य सहयोगी दलों से भी प्रतिनिधियों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। केरल कांग्रेस (जोसेफ) के मॉन्स जोसेफ, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के शिबू बेबी जॉन, केरल कांग्रेस (जैकब) के अनूप जैकब और कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी के सी.पी. जॉन ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में UDF ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल किया। गठबंधन को 46.55% वोट मिले, जो पिछले चुनाव की तुलना में उल्लेखनीय बढ़त है। सीटों के लिहाज से भी UDF को बड़ा फायदा हुआ और पार्टी की सीट संख्या बढ़कर 102 तक पहुंच गई। लंबे समय बाद सत्ता में वापसी के साथ UDF ने राज्य की राजनीति में फिर से मजबूत उपस्थिति दर्ज की है।