अंतिम राह भी नहीं आसान: बुखार से मासूम की मौत, पिता गोद में शव लिए कीचड़ के बीच से गुजरा

उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत की नट बस्ती में दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां बुखार से पीड़ित चार महीने के मासूम शिवा की मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद परिजन को गली में भरे कीचड़ और जलभराव के बीच से शवयात्रा निकालनी पड़ी, जिससे पूरे गांव में आक्रोश फैल गया।
दो दिन से बीमार था मासूम
जानकारी के अनुसार, राज मिस्त्री सागर का चार माह का बेटा शिवा पिछले दो दिनों से बुखार से पीड़ित था और उसका इलाज गांव में ही चल रहा था। शुक्रवार शाम उपचार के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया।
जलभराव के बीच निकली अंतिम यात्रा
मासूम के अंतिम संस्कार के लिए जब शव को ले जाया गया तो ग्रामीणों को घुटनों तक भरे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ा। स्थिति इतनी खराब थी कि पूरी गली में करीब तीन फीट तक जलभराव बताया जा रहा है।
दो साल से नहीं हुई निकासी व्यवस्था ठीक
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग दो वर्षों से इलाके में पानी निकासी की समस्या बनी हुई है। कई बार शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इस वजह से हर बारिश या सामान्य दिनों में भी जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
घटना के बाद गांव के 50 से अधिक परिवारों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। अब लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।
वीडियो वायरल, प्रशासन से मांग
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है, जिसमें लोग पानी और कीचड़ के बीच शवयात्रा निकालते दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या के समाधान की मांग की है।
अधिकारियों का बयान
इस मामले पर डीपीआरओ संदीप अग्रवाल ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी अभी तक नहीं मिली है, लेकिन टीम भेजकर सफाई और समाधान कराया जाएगा। वहीं ग्राम प्रधान सायरा ने बताया कि तालाब पर अतिक्रमण और नाले के बंद होने से जलनिकासी बाधित है। उन्होंने कहा कि पक्के नाले का प्रस्ताव भेजा जा चुका है और जल्द कार्रवाई की उम्मीद है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.