जामिया के बाद JNU में ग्रैफिटी को लेकर विवाद, दीवारों पर लिखे मिले विवादित नारे

HIGHLIGHTS
- JNU में अलग-अलग विचारधाराओं से जुड़े नारों के साथ राजनीतिक नेताओं की तस्वीरें भी लगाई गईं।
- परिसर में पहले लिखे गए नारों में ‘फ्री उमर खालिद’ और ‘लॉन्ग लिव नक्सलबाड़ी’ शामिल हैं।
- वीर सावरकर के चित्र पर आपत्तिजनक लेखन किए जाने का मामला भी सामने आया।
दिल्ली के दो प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालयों, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में दीवारों पर विवादित नारे लिखे जाने के मामले सामने आए हैं। पहले जामिया और फिर जेएनयू में हुई इन घटनाओं के बाद दोनों परिसरों का माहौल चर्चा में है। अलग-अलग विचारधाराओं से जुड़े नारों और तस्वीरों के सामने आने के बाद छात्र संगठनों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।
जेएनयू में वामपंथी छात्रों की ओर से दीवारों पर नारे लिखे जाने के विरोध में अब ‘अखंड भारत’ और ‘स्टॉप लव जिहाद’ जैसे नारे लिखे गए हैं। इसके साथ ही परिसर में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और जेएनयू से बर्खास्त प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम की तस्वीरें भी चस्पा की गई हैं। प्रोफेसर अकोइजम को 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय से बर्खास्त किया गया था।
एक दिन पहले भी दीवारों पर लिखे गए थे नारे
जेएनयू में इससे पहले भी दीवारों पर विवादित नारे लिखे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में परिसर की दीवारों पर ‘फ्री उमर खालिद’ और ‘लॉन्ग लिव नक्सलबाड़ी’ जैसे नारे लिखे गए थे।
इसके अलावा, सामने आई तस्वीरों में आइसा के कैडर की ओर से वीर सावरकर के चित्र के साथ आपत्तिजनक लेखन किए जाने का मामला भी सामने आया था। इन घटनाओं के बाद विश्वविद्यालय परिसर में अलग-अलग विचारधाराओं के बीच टकराव को लेकर बहस तेज हो गई है।
जामिया की दीवारों पर भी लिखे गए थे विवादित नारे
जेएनयू में ताजा घटनाक्रम से ठीक एक दिन पहले जामिया मिल्लिया इस्लामिया में भी दीवारों पर विवादित नारे लिखे जाने का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद से विश्वविद्यालय परिसर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
जामिया में 12 अक्टूबर से छात्र संघ चुनाव बहाल करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर कुछ छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस आंदोलन में जासिम अली, एबिन, रिहान हैदर और रिहान पंवार शामिल हैं।
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