कृपया प्रतीक्षा करें…
कृपया प्रतीक्षा करें…

जम्मू रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों ने अव्यवस्था और परेशानी की शिकायत की। कई यात्रियों का कहना है कि उन्हें ट्रेनें रद्द होने की सूचना नहीं मिली। एक महिला यात्री ने सीजेपी पर राजनीतिक आधार मजबूत करने और बाहरी समर्थन मिलने के आरोप लगाए।

पुलिस के अनुसार, पिछले प्रदर्शन के दौरान 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शन में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,000 से अधिक लोग शामिल हुए थे। हिंसा के दौरान निर्दोष छात्रों के घायल होने का भी पुलिस ने उल्लेख किया।

इंडिया ब्लॉक के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई। विपक्ष ने चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले 2023 के कानून को रद्द करने की अपील की।

जनपथ-कर्तव्य पथ चौराहे के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी। इंटरनेट प्रतिबंध 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक लागू रहेगा। रेड लाइन के 10 और यलो लाइन के 20 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की। विश्वविद्यालय ने यौन उत्पीड़न के आरोप में प्रोफेसर को बर्खास्त किया। प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोईजाम पर आरोप लगाए गए थे।

संगठन ने पीएम मोदी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कथित अभद्र भाषा पर आपत्ति जताई। अयान भटनागर ने आपत्तिजनक टिप्पणियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन ने कहा कि बदलाव की मांग करना गलत नहीं, लेकिन तरीका लोकतांत्रिक होना चाहिए।

कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का एलान किया है। प्रदर्शन से पहले राजधानी में कई तरह की पाबंदियां लगाए जाने की बात सामने आई। वरिष्ठ वकील और सांसद कपिल सिब्बल ने अदालत में यह मुद्दा उठाया।

रेलवे बोर्ड का निर्देश 9 अक्टूबर को सुबह 8:51 बजे जारी होने की बात कही गई है। आदेश के तहत 9 अक्टूबर दोपहर 2 बजे के बाद चलने वाली कुछ ट्रेनों को रद्द करने का निर्देश है। प्रयागराज एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, संपर्क क्रांति, श्रम शक्ति और शताब्दी एक्सप्रेस के नाम सूची में शामिल हैं।

CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने युवा प्रदर्शनकारियों के भविष्य पर विचार करने की बात कही। अदालत ने कहा कि कानूनी कार्रवाई के कारण छात्रों को सुनवाई की प्रक्रिया में उलझना पड़ सकता है। CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

शनिवार को जंतर-मंतर और नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित है। दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त राजनीश गुप्ता ने DMRC के एमडी को पत्र लिखा है। पत्र में शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार को स्थिति सामान्य होने तक स्टेशन बंद रखने का अनुरोध किया गया है।

20 राज्यों में एक महीने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के लिए करीब पांच लाख बूथ लेवल अधिकारियों को लगाया गया है। चार दिनों में करीब आठ लाख फार्म-6 भरे गए हैं।

विपक्षी सांसद विशेष गहन पुनरीक्षण की कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। जंतर-मंतर के आसपास दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। प्रियंका गांधी ने पुलिस कार्रवाई के दौरान महिला पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाए।

याचिका वकील चाहत राघव की ओर से दाखिल की गई थी। मामले की सुनवाई दो सदस्यीय खंडपीठ ने की। याचिका में बॉडी कैमरा हमेशा चालू रखने की मांग की गई थी।

हादसे की सूचना बुधवार दोपहर करीब 3:15 बजे प्रशासन को मिली। मलबे में कुछ लोगों के दबे होने की सूचना है। घायलों को राजीव गांधी अस्पताल ले जाया गया।

इंडिया गठबंधन के नेताओं ने संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च की योजना बनाई थी। पुलिस के मुताबिक, मार्च के लिए आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। चुनाव आयोग कार्यालय के पास बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोका गया।