कृपया प्रतीक्षा करें…
कृपया प्रतीक्षा करें…

13 अगस्त को निर्माणाधीन टनल में हुआ था हादसा। सुरंग में जमा पानी को बाहर निकालने का काम भी जारी रहा। बरामद शवों को जिला चिकित्सालय, गोपेश्वर भेजा गया।

जिला और बड़े उप जिला अस्पतालों के लिए 31 मार्च 2027 तक की समयसीमा तय की गई। चिकित्सकों के रिक्त पद भरने और विशेषज्ञ डॉक्टरों को विजिटिंग डॉक्टर के रूप में जोड़ने पर जोर दिया गया। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया आसान बनाने और जनसेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाने के निर्देश दिए गए।

मेहरगांव में बारिश से मकान ढहने के बाद रेस्क्यू अभियान जारी। सिलगाड़ और लंगूरगाड़ नदियों का जलस्तर खतरे की स्थिति में पहुंचा। कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पास पहाड़ी से भारी मलबा आया।

देहरादून और टिहरी में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना जताई गई है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। कैम्पटी फॉल में तालाब में गिरे पानीपत निवासी पर्यटक को पुलिस ने बाहर निकाला।

निशांत धनखड़ को बेहोश होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें दिल्ली के लिए रेफर किया गया था। 15 अगस्त को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

प्रतियोगिता में 270 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन में 102 कोच, रेफरी और तकनीकी अधिकारी शामिल हैं। भारत लगातार दूसरी बार इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है।

हादसा शनिवार 15 अगस्त को सहस्त्रधारा क्षेत्र में हुआ। युवती फोटो खिंचवाते समय अचानक नदी में गिर गई थी। राजपुर थाना पुलिस और एसडीआरएफ ने मौके पर पहुंचकर तलाश शुरू की।

बाजपुर में चट्टान से लगातार रह-रहकर भूस्खलन हो रहा है। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्री रास्ते में फंसे। बीएड प्रवेश परीक्षा के अभ्यर्थियों की भी बढ़ी परेशानी।

भूस्खलन में आठ कर्मचारियों की मौत और 12 के घायल होने की जानकारी है। दो कर्मचारी अब भी लापता हैं और उनकी तलाश के लिए रविवार को रेस्क्यू अभियान जारी रहा। टीएचडीसी ने मृतक आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है।

देहरादून में सीएम धामी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को पदक से सम्मानित किया गया। राज्य का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मान मिला।

सुभाष घाट पर स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया था। ध्वजारोहण के दौरान तिरंगा उल्टा फहराया गया। गलती का पता चलते ही झंडे को तुरंत उतारा गया।

हादसा मल्ला रामगढ़ में लक्ष्मीखान तिराहे से करीब एक किलोमीटर आगे हुआ। ट्रैवलर में हरियाणा के पर्यटकों के सवार होने की जानकारी है। वाहन पैराफिट तोड़कर करीब 100 फीट गहरी खाई में गिरा।

शुक्रवार को सुबह से शाम चार बजे तक लगातार मूसलधार बारिश हुई। ला-झेकला क्षेत्र में पहाड़ी से मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गए। थल-मुनस्यारी और जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई।

हादसे के समय सुरंग में 28 श्रमिक काम कर रहे थे। सात श्रमिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं। सुरंग में फंसे तीन श्रमिकों की तलाश अभी जारी है।

मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू किए गए मजदूरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। मजदूरों को उपचार और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था का भरोसा दिया गया। चमोली प्रशासन और एसडीआरएफ, एनडीआरएफ समेत अन्य एजेंसियों से लगातार संपर्क रखा गया।