सोनम वांगचुक को हटाने की कार्रवाई पर केजरीवाल का हमला, कहा- अहंकार ठीक नहीं

HIGHLIGHTS
- जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद आंदोलन तेज हो गया, जबकि दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों से स्थल खाली करने की अपील कर रही है।
- सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान करते हुए 20 जुलाई के संसद मार्च को जारी रखने और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करने की बात कही।
- सोनम वांगचुक को हटाए जाने पर अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और संजय सिंह समेत कई नेताओं ने केंद्र सरकार की कार्रवाई की आलोचना की, वहीं वांगचुक की पत्नी ने उनके इलाज को लेकर चिंता जताई।
जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई है। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर खाली करने की अपील कर रही है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है, जबकि प्रदर्शनकारी नारेबाजी कर रहे हैं।
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके, सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद भावुक हो गए और फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने स्वयं भी भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। अभिजीत दीपके ने कहा, “अगर किसी को लगता है कि सोनम वांगचुक को यहां से ले जाने से आंदोलन खत्म हो जाएगा, तो यह उनकी गलतफहमी है। हम यहीं रहेंगे और 20 जुलाई को संसद तक मार्च करेंगे।” उन्होंने कहा कि अब तक उनकी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी, लेकिन इस घटना के बाद वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी करेंगे।
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने केंद्र सरकार की आलोचना की है।
सोनम वांगचुक के साथ जबरदस्ती मोदी सरकार की हार: केजरीवाल
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतना अहंकार ठीक नहीं है। उनके अनुसार, सोनम वांगचुक को जबरन हटाने के बजाय सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि आंदोलन को दबाने के बजाय देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को सुधारने की जरूरत है। केजरीवाल ने कहा कि सोनम वांगचुक के साथ की गई जबरदस्ती मोदी सरकार की हार है।
दुनिया और देशभर में सोनम वांगचुक को लेकर चिंता: अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सोनम वांगचुक को बल प्रयोग कर आमरण अनशन स्थल से हटाया जाना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह घटना कुछ ही समय में पूरे देश और दुनिया तक पहुंच चुकी है। उनके मुताबिक, सोनम वांगचुक को लेकर व्यापक चिंता और भाजपा सरकार के प्रति नाराजगी देखने को मिल रही है। उन्होंने मांग की कि सादी वर्दी में कार्रवाई करने वाले लोगों की पहचान सार्वजनिक की जाए।
केंद्र सरकार पर संजय सिंह का हमला
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी इस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सत्ता का अहंकार ज्यादा समय तक नहीं चलता। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की मांगें सुनने के बजाय उन्हें जबरन अस्पताल में भर्ती कराया गया।
‘सोनम वांगचुक अभी भी भूख हड़ताल पर हैं’
सोनम वांगचुक की पत्नी ने कहा है कि वे अभी भी भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों को उन्हें इलेक्ट्रोलाइट देने से मना किया गया है। उनका कहना है कि वे किसी अन्य लैब से भी स्वास्थ्य जांच करवाएंगी, क्योंकि उन्हें सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही उन्हें किसी विश्वसनीय अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।
प्रशासन और पुलिस पर लगाए आरोप
सोनम वांगचुक की पत्नी ने आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस उनकी मेडिकल रिपोर्ट साझा नहीं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिस कमरे में सोनम वांगचुक को रखा गया है, वहां फोन ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। हालांकि, वकीलों और निजी डॉक्टरों को अंदर जाने की अनुमति दी गई है।
पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे: अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके ने दोहराया कि यदि किसी को लगता है कि सोनम वांगचुक को हटाने से आंदोलन समाप्त हो जाएगा, तो वह गलत है। उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और 20 जुलाई को संसद मार्च होगा। दीपके ने कहा कि अब उनकी मांग केवल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग करेंगे।
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