बिहार में खरगे का विवादित बयान, कहा- 'मोदी का बाप भी जाएगा'; कार्यक्रम में हुआ हंगामा

HIGHLIGHTS
- खरगे ने श्रीकृष्ण सिंह के सामाजिक न्याय से जुड़े कार्यों को याद किया।
- बिहार में 1937 और 1947 की कांग्रेस सरकारों के इतिहास का जिक्र किया।
- खरगे ने एसआईआर के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन में साथ देने की अपील की।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने श्रीकृष्ण सिंह को बिहार में लोकतंत्र की नींव मजबूत करने वाले प्रमुख नेताओं में से एक बताया। खरगे ने कहा कि श्री बाबू ने जमींदारी प्रथा खत्म करने और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए काम करके सामाजिक न्याय की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत की।
खरगे के संबोधन के दौरान कार्यक्रम में हंगामा हो गया। वहां मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खरगे ने जवाब दिया कि मोदी का बाप भी जाएगा।
खरगे ने कहा कि बिहार को लोकतंत्र की जन्मभूमि के रूप में जाना जाता है। उन्होंने इस धरती पर मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित करने के लिए आयोजन समिति का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पूरा देश डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को याद करता है।
बिहार में कांग्रेस सरकारों के इतिहास का जिक्र करते हुए खरगे ने बताया कि 1937 में श्रीकृष्ण सिंह के नेतृत्व में पहली कांग्रेस सरकार बनी थी। इसके बाद 1947 में दूसरी सरकार का गठन हुआ। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान मुख्यमंत्री को ‘प्रीमियर’ कहा जाता था। भारतीय संविधान के तहत 1952 में हुए पहले विधानसभा चुनाव के बाद श्री बाबू 3 जनवरी 1961 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे।
आरएसएस को लेकर क्या बोले खरगे?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरएसएस और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज आरएसएस के बारे में अलग-अलग अर्थ निकाले जा सकते हैं, लेकिन निशाना बनाए जाने की वजह यह है कि संगठन अपनी स्थापना के समय से ही ऐसी गतिविधियों में लगा हुआ है।
खरगे ने कहा, “इस देश में जब तक आरएसएस की विचारधारा बनी रहेगी, तब तक शांति नहीं होगी।” उन्होंने बिहार की जनता से एसआईआर के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का समर्थन करने की अपील करते हुए इसे “आजादी की दूसरी लड़ाई” बताया।
खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस बिहार के प्रमुख नेताओं, जैसे डॉ. राजेंद्र प्रसाद, की विरासत को खत्म करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि नीतीश कुमार जैसे समाजवादी नेता भी उन लोगों के साथ चले गए, जो आरएसएस की विचारधारा में विश्वास करते हैं।
कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि इसमें शामिल लोगों की पहचान करना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनके खिलाफ हुई ‘शुद्धिकरण’ की घटना की जांच कराने का वादा किया था, लेकिन राहुल गांधी के हल्द्वानी जाने पर उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई।
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