मुजफ्फरनगर कोर्ट ने गोकशी मामले में सुनाई 10 साल की सजा, लगाया भारी जुर्माना

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर गोकशी मामले में एडीजे एफटीसी-3 अदालत ने तीन दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
- अदालत ने तीनों दोषियों पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और कहा कि ऐसे अपराध सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करते हैं।
- मामला 2021 में थाना तितावी क्षेत्र के बुडिना खुर्द गांव में अवैध गोकशी से जुड़ा था, जिसमें पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
मुजफ्फरनगर। गोकशी के एक मामले में एडीजे एफटीसी-3 की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
फैसले के दौरान अदालत ने कहा कि इस तरह के अपराध समाज में सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को प्रभावित करते हैं। ऐसे मामलों में कड़ा संदेश देना जरूरी है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला 24 जनवरी 2021 का है। थाना तितावी क्षेत्र के ग्राम बुडिना खुर्द में पुलिस को एक मकान में अवैध रूप से गोकशी किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की थी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस को मौके से गोकशी से जुड़ा मांस और अन्य उपकरण बरामद हुए थे। पुलिस ने मामले में मुनसाद, अबूजर और आस मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। बरामद मांस को नियमानुसार गड्ढा खुदवाकर दफन कराया गया था और जांच के लिए आवश्यक नमूने भेजे गए थे।
गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर हुई सुनवाई
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से चार महत्वपूर्ण गवाह पेश किए गए।
सहायक शासकीय अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने अदालत में साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियोजन पक्ष रखा। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को विश्वसनीय मानते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
सजा सुनाते हुए अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे अपराध हिंदू और मुस्लिम समाज के बीच लंबे समय से चले आ रहे भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाते हैं। न्यायालय ने कानून व्यवस्था और समाज में शांति बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में कठोर सजा को आवश्यक बताया।
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