भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के कार्यकाल को आगे बढ़ाते हुए उनके अनुबंध को एक बार फिर रिन्यू कर दिया है। अब उनका कार्यकाल जून 2027 तक जारी रहेगा। यह फैसला खास तौर पर 2027 वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि टीम चयन में स्थिरता बनी रहे।
सूत्रों के अनुसार, बोर्ड का मानना है कि बड़े टूर्नामेंट से पहले चयन समिति में बदलाव करना टीम के संतुलन के लिए सही नहीं होगा। इसलिए अगरकर को लगातार काम करने का अवसर दिया गया है, जिससे टीम की लंबी अवधि की योजना पर फोकस रखा जा सके।
शानदार प्रदर्शन बना वजह
अक्टूबर 2023 से मार्च 2026 के बीच अजीत अगरकर की अगुवाई में भारतीय टीम ने कई आईसीसी टूर्नामेंट में मजबूत प्रदर्शन किया। इस दौरान टीम ने चार बड़े फाइनल खेले, जिनमें से तीन में जीत दर्ज की गई। इनमें दो टी20 वर्ल्ड कप और एक चैंपियंस ट्रॉफी शामिल रही। इसी प्रदर्शन के चलते उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाना लगभग तय माना जा रहा था।
बीसीसीआई सूत्रों का बयान
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अगरकर ने कभी भी कार्यकाल बढ़ाने की मांग नहीं की थी। नियमों के अनुसार चयनकर्ता अधिकतम चार साल तक काम कर सकता है, इसलिए उनका अनुबंध औपचारिक रूप से रिन्यू किया गया है, न कि बढ़ाया गया है। सूत्रों का कहना है कि अगरकर हमेशा प्रदर्शन के आधार पर अपने भविष्य को आंकने के पक्ष में रहे हैं।
बड़े फैसलों में रही अहम भूमिका
अपने कार्यकाल के दौरान चयन समिति ने कई महत्वपूर्ण और साहसिक फैसले लिए। इनमें अनुभवी खिलाड़ियों के टेस्ट करियर से जुड़ी स्थितियों को संभालना और नए खिलाड़ियों को मौका देना शामिल रहा। तेज गेंदबाजी विभाग में भी कई युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया।
टी20 प्रारूप में भी कुछ बड़े बदलाव देखने को मिले, जहां फॉर्म और रणनीति के आधार पर टीम चयन में सख्त फैसले लिए गए।
2027 वर्ल्ड कप पर फोकस
बीसीसीआई का मानना है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले टीम में निरंतरता और स्थिरता बेहद जरूरी है। अगरकर के बने रहने से चयन प्रक्रिया में एक समानता बनी रहेगी और दीर्घकालिक योजना को मजबूती मिलेगी। मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ उनकी साझेदारी को भी अब तक सकारात्मक माना जा रहा है, हालांकि टेस्ट क्रिकेट में हालिया घरेलू परिणामों को लेकर आगे सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।