रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान भारतीय बल्लेबाज Virat Kohli ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर और 2027 वनडे विश्व कप को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनका नजरिया बिल्कुल स्पष्ट है और वह तभी खेलते रहेंगे जब टीम और वातावरण दोनों को लगे कि वे योगदान दे रहे हैं और उनकी भूमिका अहम है।

कोहली ने कहा कि अगर किसी माहौल में उन्हें लगातार अपनी उपयोगिता साबित करनी पड़े, तो वह उस स्थिति में सहज महसूस नहीं करते। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह अपनी तैयारी और खेल के प्रति पूरी तरह ईमानदार रहते हैं और हर मैच को पूरी गंभीरता से लेते हैं।

उन्होंने कहा, “अगर मुझे वनडे मैच में 40 ओवर तक लगातार फील्डिंग करनी पड़े, तो मैं बिना शिकायत वह भी करूंगा।” कोहली के मुताबिक उनकी तैयारी हमेशा टीम की जरूरतों को ध्यान में रखकर होती है और वह हर गेंद को अपने करियर की आखिरी गेंद की तरह खेलते हैं।

पिछले कुछ समय से भारतीय टीम में बदलाव और सीनियर खिलाड़ियों की भूमिका को लेकर चर्चाएं रही हैं। खासकर टेस्ट क्रिकेट से Rohit Sharma और कोहली के संन्यास के बाद उनके वनडे भविष्य को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई गई थीं।

कोहली ने घरेलू क्रिकेट के अपने अनुभव को भी साझा किया और कहा कि विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते समय उन्हें फिर से खेल का असली आनंद महसूस हुआ। उनके अनुसार, उस समय उनके दिमाग में किसी को कुछ साबित करने का दबाव नहीं था, सिर्फ क्रिकेट का आनंद था।

उन्होंने टीम चयन और भूमिका को लेकर भी स्पष्ट राय रखी। कोहली ने कहा कि यदि किसी खिलाड़ी पर भरोसा नहीं है, तो यह बात शुरुआत में ही साफ कर देनी चाहिए, लेकिन यदि टीम में उनकी जरूरत है, तो बार-बार सवाल उठाना सही नहीं है।

वनडे क्रिकेट में कोहली के आंकड़े उन्हें आधुनिक युग के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल करते हैं। उन्होंने 300 से अधिक मैचों में 14,000 से ज्यादा रन और 50 से अधिक शतक लगाए हैं। हालिया वर्षों में सीमित मुकाबलों के बावजूद उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है।

आने वाले समय में भारत की घरेलू वनडे सीरीज, जिसमें अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले शामिल हैं, को 2027 विश्व कप की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि कोहली का कहना है कि उनके लिए सिर्फ रिकॉर्ड नहीं, बल्कि सम्मान और भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है।