लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और ‘अपनी जनता पार्टी’ के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी से जुड़ी उनकी टिप्पणी को लेकर गरमा गया है।
मौर्य के बयान के बाद धार्मिक संगठनों और संत समाज में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी बीच महामंडलेश्वर विष्णु दास ने कड़ा विरोध जताते हुए यहां तक ऐलान कर दिया कि जो कोई स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटकर लाएगा, उसे 5 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।
‘भगवान राम लुटेरों को सजा नहीं दे सके’ वाला बयान बना विवाद की वजह
बताया जा रहा है कि राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय स्वामी प्रसाद मौर्य ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि राम मंदिर से करोड़ों रुपये के चढ़ावे की चोरी हुई और “अगर भगवान राम अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सके, तो वे आम लोगों की रक्षा कैसे करेंगे।”
उनकी इसी टिप्पणी ने विवाद को जन्म दे दिया है, और अब यह मामला राजनीतिक से आगे बढ़कर धार्मिक विवाद का रूप लेता दिख रहा है।
महामंडलेश्वर का तीखा विरोध
महामंडलेश्वर विष्णु दास ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर सनातन धर्म और राम मंदिर के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मौर्य को भारतीय संस्कृति और धर्म की समझ नहीं है और वे लगातार आस्था के खिलाफ बयान देते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर में श्रद्धालु आस्था के साथ दान करते हैं, और उस पर सवाल उठाना करोड़ों भक्तों की भावनाओं को आहत करने जैसा है।
बयान के राजनीतिक असर की भी चर्चा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्वामी प्रसाद मौर्य का यह बयान आगामी चुनावी समीकरणों पर भी असर डाल सकता है। वे 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए छोटे दलों को साथ लेकर तीसरा मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस तरह के विवाद उनके लिए मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।