बिहार के अमनौर में रविवार को 28वां अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन का भव्य उद्घाटन बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने भोजपुरी भाषा की समृद्धि और व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषा होने की विशेषता पर जोर दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सामूहिक प्रयासों से इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भोजपुरी भाषा के सम्मान, संरक्षण और विकास के लिए निरंतर प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार की प्रतिबद्धता के तहत 2030 तक बिहार में बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे। कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि बिहार में किसी प्रकार के माफिया को जगह नहीं दी जाएगी। उन्होंने महिला सुरक्षा पर भी जोर देते हुए कहा कि स्कूल और कॉलेजों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, ताकि छात्राएँ सुरक्षित वातावरण में शिक्षा ग्रहण कर सकें।
स्थानीय विधायक कृष्ण कुमार मंटू द्वारा अमनौर को अनुमंडल बनाने की मांग पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इसे याद रखा जाएगा और भविष्य में नए अनुमंडल बनाने की प्रक्रिया में इसे शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
समारोह में बंद चीनी मिलों की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार इन मिलों को पुनः चालू करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने मढ़ौरा चीनी मिल को अगले एक वर्ष के भीतर फिर से चालू करने की संभावना जताई।
कार्यक्रम में बिहार के उद्योग मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जयसवाल ने भोजपुरी भाषा की वैश्विक पहचान और समाज में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में विकास की गति के समान भोजपुरी भाषा को भी आगे बढ़ाया जाएगा। मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि राज्य सरकार की पहल से भोजपुरी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के प्रयासों में तेजी लाई जाएगी।
सम्मेलन में मॉरीशस की पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी सरीता बुद्धु, दिल्ली के सांसद और गायक-एक्टर मनोज तिवारी, तरैया विधायक जनक सिंह, बनियापुर विधायक केदारनाथ सिंह, अमनौर विधायक कृष्ण कुमार मंटू, छपरा विधायक छोटी कुमारी, विधान पार्षद प्रो. डॉ. वीरेन्द्र नारायण यादव और भोजपुरी गायिकाएँ कल्पना पटवारी एवं अक्षरा सिंह ने भी भाग लिया।
सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. ब्रज भूषण मिश्र, महामंत्री जय जयकांत सिंह जय और स्वागत सचिव मनोज सिंह ने मंच पर अतिथियों का स्वागत किया। उद्घाटन समारोह का संचालन जयकांत सिंह जय और एमएलसी संजय मयूख ने संयुक्त रूप से किया।
उद्घाटन के पश्चात नए सत्र के लिए प्रमुख शिक्षाविद महामाया प्रसाद विनोद को सम्मेलन का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। उन्होंने भोजपुरी भाषा के सम्मान, उत्थान और आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के प्रयासों में पूर्ण प्रतिबद्धता जताई और कहा कि नए लोगों को जोड़कर भोजपुरी आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा।