पटना। बिहार सरकार ने गुरुवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार पुलिस की स्पेशल आक्ज़िलरी पुलिस (सैप) में 17 हजार नए जवानों को अनुबंध पर नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। इसमें अब केवल भारतीय सेना के सेवानिवृत्त सैनिक ही नहीं, बल्कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के रिटायर्ड अर्धसैनिक जवानों को भी शामिल किया जाएगा।
सैप का मुख्य उद्देश्य राज्य पुलिस की क्षमता बढ़ाना और उग्रवादियों व संगठित अपराधियों के खिलाफ विशेष छापेमारी में मदद करना है। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से पुलिस की प्रतिरोधक क्षमता और आपराधिक नियंत्रण बेहतर होगा।
इस बैठक में कैबिनेट ने नवगठित उच्च शिक्षा विभाग के संचालन के लिए 161 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी। इसके अलावा, राजस्व मामलों में तेजी लाने के लिए अनुमंडल स्तर पर भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) के 101 पदों को “अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी” के रूप में बदलने की अनुमति दी गई और हर अनुमंडल के लिए 101 नए डीसीएलआर पदों का सृजन किया गया।
सिविल विमानन विभाग के संचालन को मजबूत करने के लिए भी 99 नए पद सृजित किए गए हैं।
कैबिनेट ने गोरखा वाहिनी के स्थायी परिसर के लिए नौबतपुर में भूमि अधिग्रहण को भी मंजूरी दी। पटना के नौबतपुर अंचल के चर्रा मौजा में 30 एकड़ जमीन के लिए 40 करोड़ 54 लाख 41 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस परिसर में गोरखा वाहिनी का स्थायी कैंप स्थापित होगा।