105 दिन तक बिहार के डीजीपी रहे 1989 बैच के सीनियर आईपीएस अधिकारी आलोक राज शनिवार दोपहर मीडिया के सामने आए। उन्होंने डीजीपी छिन जाने के सवाल पर कहा कि मुझे इस बात का कोई मलाल नहीं है। मुझे खुशी है कि बिहार सरकार ने मुझे बिहार के डीजीपी पद पर काम करने का मौका दिया। उसमें मैंने पूरी ईमानदारी से काम किया। हालांकि यह अवधि मात्र 105 दिन की थी लेकिन इस दौरान हमारे कनीय अधिकारियों और कर्मियों ने पूरी ईमानदारी से साथ दिया। मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं। प्रतिदिन जब भी मैं कार्यालय में रहा, उनसे मिला और उनकी समस्याओं का समाधान किया। लोग शिकायत निवारण के माध्यम से आम लोगों के समस्याओं का निष्पादन किया।
105 दिन के कार्यकाल में तीन कुख्यात मारे गए
पूर्व डीजीपी आलोक राज ने कहा कि 105 दिन के कार्यकाल के दौरान तीन कुख्यात अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। चार अन्य अपराधी घायल हुए। कई इनामी अपराधी गिरफ्तार किए गए। भारी मात्रा में हथियार और गोली बरामद हुए। इन उपलब्धियां के लिए मैं एसटीएफ के अपर पुलिस महानिदेशक और उनके टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामना देता हूं। इस दौरान सारण के ट्रिपल हत्याकांड में अभियुक्तों को माननीय न्यायालय द्वारा 50वें दिन ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। पूरे देश में यह पहली बार हुआ जब इतने कम समय में मामले का अनुसंधान किया गया. इसके लिए सारण के एसपी को और पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई। इस दौरान पुलिस मुख्यालय के सभी पुलिस अधिकारी एवं कार्यों को हार्दिक बधाई देता हूं।
सहपाठी और नए डीजीपी को बधाई दी
सीनियर आईपीएस अधिकारी ने कहा कि इस दौरान पुलिस के कल्याण के लिए भी कई कार्य किए गए। पुलिस विभाग के कल्याण के लिए जो हमने किया मुझे ऐसा लगता है कि हमने उनके लिए बहुत अच्छा काम किया और मुझे इस बात की संतुष्टि है। इस दौरान विधि व्यवस्था में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई। दुर्गापूजा, दीपावली सहित किसी भी पर्व त्योहार में आमजन को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। बिहार के सारे पर्व बिना किसी संप्रदाय और हिंसा के आराम से गुजर गया। इसलिए सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी को भी बहुत-बहुत बधाई। मैं मुख्य सचिव और गृह विभाग को बहुत-बहुत बधाई देता हूं कि आपके नेतृत्व में मार्गदर्शन में मुझे काम करने का मौका मिला और बेहतर काम हुआ। मैं सभी मीडिया पर भारी और मीडिया के लोगों को भी हार्दिक बधाई देता हूं। मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि पटना साइंस कॉलेज में आईएससी करने के दौरान मेरे सहपाठी रहे विनय कुमार को पुलिस महानिदेशक जिम्मेदारी सौंप गई है। उन्हें हम विशेष रूप से बधाई देते हैं।